Saturday, August 14, 2021

 देश ७५वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है । चारों ओर अनेक रंगा-रंग कार्यक्रम हो रहे हैं। तिरंगा शान से लहरा रहा है।सभी विद्यालय,छात्र व देश के नागरिक बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं व देश के स्वतंत्रता दिवस को उल्लास पूर्वक मना रहे हैं। विदेशी हुकूमत को देश की सीमाओं से परे हटा कर हमने अपना संविधान बना कर पूरे देश को तिरंगे से सुसज्जित कर अपनी आज़ादी का जश्न मनाया और प्रत्येक वर्ष हम अनेक स्वतंत्रता सेनानियों को याद कर उन्हें अपनी भावभीनी श्रधांजलि देते हैं व नमन करते हैं।

स्वतंत्रता के साथ ही नागरिकों को अधिकार तो अनेकों मिले हैं लेकिन ये भी सच है कि हम कभी अपने कर्तव्यों की बात नहीं करते।अगर हक के साथ-साथ अपने कर्तव्यों को भी याद रखा जाये तो अधिकारों के लिये आंदोलन नहीं करने पड़ेंगे।

देश की प्रगति के लिये आज समाज में शिक्षा,सुरक्षा,मानसिकता में बदलाव के साथ-साथ आवश्यक है कि हम भारतीय संस्कारों,रीति-रिवाज़ों को न भूलें व अपनी परम्पराओं को आधुनिक विचारों के साथ आगे बढ़ाएं। हमारे समाज में रहन-सहन,वेशभूषा,बोल-चाल सब इतनी जल्दी बदल गया है लेकिन लोगों की मानसिकता में कोई बदलाव नहीं आया है। आधुनिकता विचारों में होनी चाहिये। आज देश व समाज के सभी वर्गों को अनेक रूढ़ियों व बेकार के कानूनों से भी आज़ादी  मिलनी चाहिए। 

स्त्री-पुरुष सिर्फ कहने के लिए ही बराबर न हों अपितु उन्हें शिक्षा ,रोजगार,सम्पत्ति,बोलने व विचारों को प्रकट करने की स्वतंत्रता,लक्ष्य प्राप्ति व खुल कर जीने  की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। पुरुषों को भी अपनी कुंठाओं व कमज़ोर मानसिकता से स्वयं को स्वतन्त्र कर लेना चाहिये। 

हम सभी जिम्मेदार नागरिक बनें। देश के सभी लोगों को एक-दूजे के लिए अपने दिलों को बड़ा करना चाहिये व विशेष रूप से महिलाओं,लड़कियों व बच्चों को जीने के लिए सुरक्षित वातावरण देने का प्रयास करना चाहिए। एक ऐसा समाज जहाँ प्रत्येक व्यक्ति अपने सपने पूरे  कर सके। बेकार के कार्यों में समय व्यर्थ न करते हुए अपने कर्तव्यों का पालन करें। जिस भी पद पर हों अपना काम पूरी ईमानदारीव मेहनत के साथ करें। ये दोनों खूबियां इंसान को ऊंचाइयों पर ले जाती हैं। ऐसा न भी हो तो मन को संतुष्टि तो अवश्य ही प्रदान करती हैं। मन की संतुष्टि से बड़ी कोई सफलता नहीं होती।  

भारत देश पर हम सभी देशवासियों को गर्व है व भारत माता की सेवा में अपना तिनके भर योगदान दे पाना भी प्रत्येक भारतवासी के लिए गौरव की बात है। आज आवशयक है कि प्रत्येक नागरिक अपना दायित्व निष्ठा व ईमानदारी के साथ निभाए व देश की प्रगति में अपना योगदान दे। अपने कर्तव्यों को पूरा करते ही हमारे अधिकार बिना किसी प्रयास के हमें स्वयं ही मिल जाते हैं। 

सभी देशवासियों को ७५ वें स्वतंत्रता दिवस की अनेक शुभकामनाएँ।