Thursday, February 29, 2024

मंथन 

प्रत्येक व्यक्ति अपने जन्म के साथ ही कुछ विशेषताएं या गुण ले कर पैदा होता है। कई बार ये गुण बचपन से ही सामने दिखने लगते हैं और कई बार बहुत देर तक इन गुणों की पहचान व्यक्ति के माता-पिता या समाज द्वारा नहीं हो पाती है। अनेकों लोग ऐसे हैं जिन्हे बचपन में ही अगर सही मार्गदर्शन मिल जाता है तो वो अपनी  इन विशेषताओं के कारण समाज में अपनी एक पहचान बना लेते हैं अन्यथा कहीं गुमनामी में खो जाते हैं और समाज में किसी प्रकार का कोई योगदान नहीं दे पाते। 

व्यक्ति सही समय पर उपलब्ध कराये गए सही अवसर का उचित प्रयोग कर पाये इसके लिए शुरू से ही एक सही सलाहकार या मार्गदर्शक की आवश्यकता होती है और यह सलाहकार एक अध्यापक,मित्र,माता-पिता या समाज का कोई भी व्यक्ति हो सकता है। 

     यूं तो बच्चे की प्रतिभा को सामने लाने के लिए माता-पिता न जाने कितने पापड़ बेलते हैं। लेकिन हमारे समाज में कुछ लोग ईर्ष्या व अज्ञानता  के कारण इन प्रतिभाओं को सामने नहीं आने देते व इन्हें दबा देते हैं। परिवार में ही अनेक रिश्तेदार,जान-पहचान वाले लोग ही बच्चे को अपने कटाक्षों द्वारा हतोत्साहित करते हैं। 

दुर्भाग्यवश आगे बढ़ने के लिए आज आपके पास पैसा,चाटुकारिता,जान-पहचान,रौब,सत्ता,ताकत जैसे गुणों का होना आवश्यक है व समाज के लगभग सभी क्षेत्रों में अनेकों ऐसे समूह हैं जो इन सभी गुणों को तरजीह देते हैं और अपना एक तरफ़ा साम्राज्य स्थापित कर चुके हैं। इन समूहों से जुड़े लोग अपने हिस्से व उम्र की सभी उपलब्द्धि व उपाधियाँ प्राप्त कर चुके होते हैं लेकिन ये अपनी जगह से टस से मस भी नहीं होते। इनके गढ़ में सेंध लगाना नामुमकिन है और अगर आप इन समूहों से सम्बंधित किसी मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का प्रयास करते भी हैं तो इस प्रकार के समूह आपको या आपके बच्चे को आगे बढ़ने के लिए अवसर नहीं देते। 

अगर आप चाहते हैं कि आपकी प्रतिभा सबके सामने आये तो इसके लिए आपके पास भी इन समूहों की विशेषताएं या गुण होने चाहिए। ऐसा अमूमन सभी क्षेत्रों में सभी प्रतिभाशाली लोगों के साथ होता है। उदाहरण के लिये लिखना एक विशेष कला या गुण है जहाँ लेखक विचारों के रूप में ईश्वर द्वारा भेजे गये बेहतरीन शब्दों व भावों को कोरे कागज़ पर उकेरता है। आज के समय का एक कड़वा सत्य यह है कि आज बेहतरीन यानि उम्दा शब्द लिखने वाले अपनी वजनी रचना को लिये पानी के नीचे कहीं दबे रहते हैं और उछले व दोयम दर्जे की शब्द माला लिये एक विशेष समूह पानी पर तेल की तरह तैर रहा है। यह समूह कभी उम्दा लेखनी को ऊपर नहीं आने देता। केवल वही व्यक्ति जो इस समूह की विशेषताएं रखता है या अपने जीवन मूल्य व सिद्धांतों को रौंदने की हिम्मत रखता है इनके साथ पानी पर तैर सकता है।

   इसीलिये बहुधा यही देखने को मिलता है कि उम्दा कलाकार या हुनरमंद व्यक्ति सफलता के लिए अपने ऊसूलों व  ईमानदारी को प्राथमिकता देने व इन समूहों से गुरेज करने के कारण तमाम जिंदगी गुमनामी व मुफलिसी में ही गुजार देता है। आज वास्तव में समाज में ऐसे मार्गदर्शकों, सलाहकारों व पारखी लोगों की आवश्यकता है जो अपने स्वार्थ या प्रसिद्धि को परे रख खुले दिल से विभिन्न क्षेत्रों में नई कपोलों को फूटने का अवसर दें जिससे ये प्रतिभाएं समाज में अपनी खुश्बू फैला सकें व देश की सेवा कर सकें।    

  इसके लिए जीवन के अनेकों संघर्षों व खट्टे-मीठे अनुभवों के साथ सफलता प्राप्त करने वाला व ज़मीनी हकीकत से जुड़ा व्यक्ति ही प्रतिभाशाली बच्चों व उम्दा या हुनरमंद लोगों के गुणों की पहचान कर सकता है तथा उन्हें आगे बढ़ने के लिये प्रोत्साहित कर सकता है बशर्ते वो इन पानी पर तैरते समूहों के गुणों से परहेज करता हो व भली भांति  मंथन करना जानता हो। 










HH 8March 2024