ENCOURAGMENT, APPRECIATION - प्रोत्साहन
अरे ! आंटी जी ये सब क्या फैला रखा है ? कुछ काम चल रहा है क्या ?
हाँ बेटा। तेरे अंकल जी अपनी अलमारी दुबारा बनवा रहे हैं। इतने सारे सम्मान, तस्वीरें, उपहार आदि हो गए हैं अब अलमारी छोटी पड़ने लगी है।
हाँ ये बात तो है। अंकल जी हैं ही इतने बड़े कलाकार। पर आप बुरा न माने तो एक बात कहूँ अगर अंकल जी हम जैसे युवा वर्ग को भी आगे बढ़ने का अवसर दें तो एक अलमारी हम भी अपने यहां बनवा लें। इतनी योग्यता तो हम सब में भी है।
कई लोगों द्वारा दुनिया भर की प्रसिद्धि और सम्मान प्राप्त करने के बाद भी अपनी जगह छोड़ पाना नामुमकिन है और शायद इसी कारण से अनेकों योग्य लोग आगे नहीं आ पाते और कहीं अपनी प्रतिभा के साथ गुमनामी के अँधेरे में खो जाते हैं।
अपनी कुर्सी छोड़ दूसरे लोगों को आगे बढ़ाने के लिए बहुत बड़ा कलेजा चाहिए।